अनोखी शख्सियत

 


दुनिया में खड़ूस लोगों की कमी नहीं है। अब खड़ूस शब्द सुनते ही आपके मन मे किसी न किसी शख्स की तस्वीर ज़रूर आई होगी। अक्सर हमारा पाला किसी खड़ूस इंसान से पड़ ही जाता है। ये शख्स कहीं भी मौजूद हो सकते हैं- बाज़ार में, दफ्तर में, स्कूल में, कॉलेज में या कहीं भी। इनका कोई परमानेंट ठिकाना नहीं। ये कहीं भी किसी भी जगह मिल जाते हैं और मूड खराब कर देते हैं। इनको देख कर सवाल उठता है कि आखिरी बार कब हंसे होंगे? कब किसी से मुस्कुरा कर बात की होगी? या फिर शायद उनकी ज़िंदगी मे मुस्कुराहट का कोई वुजूद ही न हो। चलो तुम न हंसना चाहो मत हंसो पर क्यों हम बिचारों का दिन खराब करते हो। न जाने हर पल किस बात का गुस्सा इन पर हावी होता है और हम पर बरसता है। अरे भाई हम से क्या भूल हुई जो हमें तेवर दिखा रहे हो। 

खड़ूस इंसान अपनी एक अलग पहचान बना लेता है। उसका असली नाम किसी को नहीं पता होता, वो केवल अपने क्रोध से जाना जाता है। उसकी करतूत कभी छुपती नही, आज किसी का पाला पड़ा तो कल किसी का। जो इससे मिले वो पछताए। जो न मिले केवल वही मुस्कुराए। 

जाने अनजाने में ये बातें कोई खड़ूस शख्स पढ़ रहा होगा। गुस्से से आग बबूला हो रहा होगा। लेकिन क्या करें जनाब किसी न किसी को तो आपके बारे में लिखना ही था। 






Comments

Post a Comment

Popular Posts